NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 1

Class 8 Hindi Chapter 1

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 1, यहां हमने NCERT Solutions कक्षा 8 हिंदी वसंत पुस्तक अध्याय 1 में दिए गए सभी प्रश्नों के समाधान दिए हैं। Class 8 Hindi Chapter 1

 

हिन्दी कक्षा 8 वसंत : भाग 3 पाठ 1: ध्वनि

(सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’)

NCERT Class 8 Hindi Chapter 1 Summary

Class 8 Hindi Chapter 1 सप्रसंग व्याख्याएँ

(1) अभी न होगा ______________________________________प्रत्यूष मनोहर।

कठिन-शब्दार्थ-

मृदुल = कोमल । पात = पत्ते । कोमल = मुलायम । गात = शरीर। निद्रित = नींद में डूबी हुई। प्रत्यूष = प्रात:काल। मनोहर = सुन्दर।

प्रसंग-

यह पद्यांश श्री सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित ‘ध्वनि’ शीर्षक कविता से लिया गया है। इसमें कवि कलियों व फूलों के खिलाने के माध्यम से अपने जीवन के प्रति आस्था और दृढ विश्वास व्यक्त करना चाहता है।

व्याख्या-

कवि का मानना है कि अभी उसके जीवन का अन्त नहीं होगा। अभी-अभी उसके जीवन में सुकुमार शिशु रूपी वसंत का आगमन हुआ है। जिस प्रकार प्रकृति में वसंत के आते ही पेड़-पौधों पर हरियाली छा जाती है, डालियाँ हरे-हरे पते धारण कर लेती हैं और उन पर कलियाँ खिल जाती हैं, चारों ओर प्रकृति में कोमलता और सुन्दरता दिखाई देने लगती है, वैसे ही मैं भी अपने जीवन में अपने कार्यों के द्वारा चारों ओर अपना यश फैलाना चाहता हूँ।

इसके साथ ही कवि अपने स्वप्न भरे कोमल हाथों को अलसाई कलियों पर फेरकर उन्हें प्रभात के आने का सुन्दर सन्देश देना चाहता है। अर्थात् वह अपने आदर्श के अनुरूप आचरण करके समाज के दु:खों को दूर करके सुख का वातावरण उत्पन्न करना चाहता है।

 

(2) सप्रसंग व्याख्याएँ Class 8 Hindi Chapter 1

पुष्प-पुष्प से _________________________________________ मेरा अन्त।

कठिन-शब्दार्थ-

पुष्प = फूल। तंद्रालस = नींद से बोझिल। लालसा = इच्छा। नव = नया। सहर्ष = खुशी से। द्वार = दरवाजा। अनंत = असीम।

प्रसंग-

यह पद्यांश श्री सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित ‘ध्वनि’ शीर्षक कविता से लिया गया है। कवि का कथन है कि वह अपने कोमल हाथों का स्पर्श देकर फूलों में समाये आलस्य, निद्रा व उदासी समाप्त कर उन्हें खिला देखना चाहता है। साथ ही वह अपने जीवन को नयी शक्ति के साथ आगे बढ़ाना चाहता है।

व्याख्या-

यहाँ कवि किशोरों रूपी फूलों की उनींदी आंखों से आलस्य हटाकर उन्हें आलस्य रहित और जागरूक बनाना चाहता है। वह अपने नव उत्साह से उन्हें सींचकर हरा-भरा करना चाहता है। अर्थात् कवि प्रकृति के माध्यम से अपने जीवन में नव प्राणों का संचार करके नई शक्ति के साथ नये कार्यों की ओर बढ़कर सफलता प्राप्त करना चाहता है। उसका मानना है कि उसका अंत अभी नहीं होगा, क्योंकि उसे जीवन में अभी बहुत कार्य करने हैं।

कवि प्रत्येक किशोर रूपी फल से उसमें समाये आलस्य को छीनकर उन्हें चिरकाल तक खिले हुए देखना चाहता है ताकि वे अनंतकाल तक खिलकर अपनी आभा बिखेरते रहे। वास्तव में कवि अपने जीवन की आभा व कर्तव्य-भावना को

करना चाहता है। इसलिए वह अपना अंत नहीं चाहता है।

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Class 8 Hindi Chapter 1 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

कविता से

प्रश्न 1. Class 8 Hindi Chapter 1

कवि को ऐसा विश्वास क्यों है कि उसका अन्त अभी नहीं होगा?

उत्तर-कवि जीवन के प्रति आस्था और विश्वास से भरा हुआ है। इसलिए वह अपनी कर्त्तव्यनिष्ठा तथा सक्रियता से विमुख होकर अपने जीवन का अंत नहीं होने देगा। वह अपने उत्साही कार्यों की आभा को वसंत की तरह सुगन्धित रूप में सब ओर फैलाना चाहता है।

 

प्रश्न 2. Class 8 Hindi Chapter 1

फूलों को अनंत तक विकसित करने के लिए कवि कौन-कौन से प्रयास करता है?

उत्तर- कवि चाहता है कि सारे पुष्प अनन्त काल तक अपनी आभा, सुषमा और सुगन्ध सारे वातावरण में बिखेरते रहें। इसलिए किशोरों रूपी फलों को अनंत तक विकसित करने के लिए उन पर छाये उनींदेपन के आलस्य को दूर करके अपने नवजीवन के अमृत से सहर्ष सींचने का प्रयास करता है। प्रश्न 3. कवि पुष्यों की तंद्रा और आलस्य दूर हटाने के लिए क्या करना चाहता है?

उत्तर- कवि किशोरों रूपी पुष्यों की तंद्रा और आलस्य दूर हटाने के लिए अपने स्वप्न भरे कोमल हाथ उन पर फेरना चाहता है और उन्हें एक मनोहर प्रभात का सन्देश देना चाहता है।

 

Class 8 Hindi Chapter 1 कविता से आगे

प्रश्न 1. वसंत को ऋतुराज क्यों कहा जाता है? आपस में चर्चा कीजिए।

उत्तर- हमारे भारत देश में साल भर में क्रमशः छः ऋतुओं का आगमन होता है। इन सब ऋतुओं का अपना अलगअलग महत्त्व होता है। इन ऋतुओं में वसन्त ऋतु सबसे निराली होती है। यह हमारे यहाँ ऋतु चक्र के अनुसार मार्च-अप्रैल में आती है। इस काल में मौसम सुहावना हो जाता है। न अधिक सर्दी होती है और न अधिक गर्मी ।

इस ऋतु में पेड़-पौधे जहाँ नये-नये पत्ते धारण कर लेते हैं वहीं चारों ओर फूल खिल जाते हैं। आम के पेड़ों पर बौर आ जाते हैं, खेतों में सरसों के फूल खिल जाते हैं, कोयल की मधुर कृक आदि सब मिलकर वातावरण को मादक बना देते है। मानव जीवन उमंग और उत्साह से भर उठता है। वसंत की इन विशेषताओं के कारण इसे ऋतुराज कहा जाता है।

 

प्रश्न 2. Class 8 Hindi Chapter 1

वसंत ऋतु में आने वाले त्योहारों के विषय में जानकारी एकत्र कीजिये और किसी एक त्योहार पर निबन्ध लिखिए।

उत्तर- वसंत ऋतु उल्लास और उमंग की ऋतु है। यह हमारे देश में ऋतु चक्र के अनुसार मार्च और अप्रैल अर्थात् फाल्गुन माह के कुछ दिनों से आरम्भ हो कर चैत्र-वैशाख के कुछ दिनों अर्थात् दो माह से कुछ अधिक दिनों तक रहती है।

इस ऋतु में (1) वसन्त पंचमी, (2) मस्ती और रंगों का त्योहार होली, (3) वैसाखी आदि प्रमुख त्योहार आते है। जो बड़ी धूमधाम से मनाये जाते हैं।

नोट- किसी एक त्योहार पर निबन्ध लेखन के लिए छात्र किसी एक त्योहार पर निबन्ध

 

प्रश्न 3. Class 8 Hindi Chapter 1

“ऋत परिवर्तन का जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।” इस कथन की पुष्टि आप किन-किन बातों से कर सकते हैं ? लिखिए।

उत्तर- ऋतु-परिवर्तन का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसकी पुष्टि हम निम्नलिखित बातों के आधार पर कर सकते हैं।

पहनावा-

ऋतु-परिवर्तन का प्रभाव हमारे पहनाने पर सबसे अधिक पड़ता है। इसीलिए ऋतु के अनुसार परिधानों का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए, ग्रीष्म ऋतु में हम सफेद और सूती वस्त्रों का अधिक उपयोग करते। जबकि सर्दियों में ऊनी तथा भारी-भरकम रंगीन कपड़ों का अधिकाधिक प्रयोग करते हैं।

खान-पान-

ऋतु-परिवर्तन का प्रभाव हमारे खान-पान पर भी सबसे अधिक पड़ता है। अतः ऋतु-परिवर्तन के अनुसार ही लोग अपने भोजन में खाद्य-वस्तुओं का समायोजन करते हैं। उदाहरण के लिए, ग्रीष्म ऋतु में हम शीतलता प्रदान कर वाले खाद्य-पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करते हैं शीत ऋत में गर्मी प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करते हैं।

तीज-त्योहार-

विभिन्न ऋतुओं के अनुसार उन दिनों में पड़ने वाले त्योहार भी अलग-अलग होते हैं। इन पड़ने वाले तीज-त्योहारों को ऋतुओं के आधार पर ही मनाया जाता है इसलिए ऋतु-परिवर्तन का जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

स्वास्थ्य अनुकूलता-

कुछ ऋतुएँ स्वास्थ्य की दृष्टि से अति उत्तम होती हैं। इनमें एक ओर जहाँ खाद्य सामग्री की प्रचुरता होती है, वहीं जीवाणुओं का संक्रमण भी कम होता है। उदाहरण के लिए, शरद ऋतु और वसंत ऋतु । इनके विपरीत ग्रीष्म और वर्षा ऋतुएं स्वास्थ्य के लिए कम अनुकूल मानी जाती हैं।

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि ऋतु-परिवर्तन का लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

 

Class 8 Hindi Chapter 1 अनुमान और कल्पना

प्रश्न 1. कविता की निम्नलिखित पंक्तियाँ पढ़कर बताइए कि इनमें किस ऋत का वर्णन है?

फूटे हैं आमों में बीर

भौर वन-वन टूटे हैं।

होली मची ठौर-ठौर

सभी बंधन छुटे हैं।

उत्तर- उपर्युक्त काव्य पंक्तियों को पढ़ने से विदित होता हैं कि इन पंक्तियों में ‘वसंत ऋत’ का वर्णन है। उसका कारण यह है कि आमों में बौर आने और होली के त्योहार का उल्लेख किया गया है।

 

प्रश्न 2. स्वप्न भरे कोमल-कोमल हाथों को अलसाई कलियों पर फेरते हुए कवि कलियों को प्रभात के आने का सन्देश देता है, उन्हें जगाना चाहता है और खुशा ता खुशी अपने जीवन के अमृत से उन्हें सींचकर हरा-भरा करना चाहता है। फूलों-पौधों के लिए आप क्या-क्या करना चाहेंगे?

उत्तर- फूल-पौधों के लिए हम निम्नलिखित कार्य करना चाहेंगे-

(i)  पौधों को अधिक से अधिक संख्या में लगाकर उनकी देखभाल और सुरक्षा करेंगे।

(ii) समय-समय पर उनमें पानी, खाद, निराई-गुड़ाई आदि की व्यवस्था करेंगे।

(iii) फूल-पौधों को न तोड़ेंगे और न दूसरों को तोड़ने देंगे।

(iv) फूल-पौधों को प्यार भरे हाथों से हमेशा स्पर्श करेंगे।

 

प्रश्न 3. Class 8 Hindi Chapter 1

कवि अपनी कविता में एक कल्पनाशील कार्य की बात बता रहा है। अनुमान कीजिए और लिखिए कि उसके बताए कार्यों का अन्य किन-किन सन्दीसे संबंध जुड़सकता है? जैसे- नन्हे-मुन्ने बालक को माँ जगा रही हो।

उत्तर- कवि के बताए कार्यों का निम्नलिखित संदर्भो से संबंध जुड़ सकता है।

जैसे—(1) प्रात:काल पिता के साथ बगीचे में घूमने गया बालक।

(i) फूलों पर बैठी तितलियों को पकड़ने या स्पर्श करने का प्रयास करता है।

(ii) उस बगीचे में चुग रहे पक्षियों को पकड़ने का प्रयास करता है।

(iii) फूलों और पत्तियों पर पड़ी ओस की बून्दों को हाथ से एने की क्रिया करता है और उनको हिलाकर झड़ाता है।

(iv) बगीचे में उलझी लताओं को सावधानी से अलग करने का प्रयास करता है।

(2) माली पौधों की काट-छांट कर उन्हें सुन्दर स्वरूप प्रदान करता है और हरियाली को देखकर आनन्दित होता है।

Class 8 Hindi Chapter 1 भाषा की बात

प्रश्न 1. ‘हरे-हरे’, ‘पुष्प-पुष्प’ में एक शब्द की एक ही अर्थ में पुनरावृत्ति हुई है। कविता के हरे-हरे ये पात’ वाक्यांश में हरे-हरे’ शब्द युग्म पत्तों के लिए विशेषण के रूप में प्रयुक्त हुए हैं। यहाँ ‘पात’ शब्द बहुवचन में प्रयुक्त है। ऐसा प्रयोग भी होता है जब कर्ता या विशेष्य एकवचन में हो और कर्म या क्रिया या विशेषण बहुवचन में; जैसे—वह लंबी-चौड़ी बातें करने लगा।

कविता में एक ही शब्द का एक से अधिक अर्थों में भी प्रयोग होता है- “तीन बेर खाती ते वे तीन बेर खाती है।” जो तीन बार खाती थी वह तीन बेर खाने लगी है। एक शब्द बेर’ का दो अर्थों में प्रयोग करने से वाक्य में चमत्कार आ गया। इसे यमक अलंकार कहा जाता है। कभी-कभी उच्चारण की समानता से शब्दों की पुनरावृत्ति का आभास होता है जबकि दोनों दो प्रकार के शब्द होते हैं। जैसे मन का/मनका।

ऐसे वाक्यों को एकत्र कीजिए जिनमें एक ही शब्द की पुनरावृत्ति हो। ऐसे प्रयोगों को ध्यान से देखिए और निम्नलिखित पुनरावृत्त शब्दों का वाक्य में प्रयोग  कीजिए -बातों-बातों में, रह-रहकर, लाल-लाल, सुबह-सुबह, रातों-रात, घड़ी-घड़ी।

उत्तर- एक ही शब्द की पुनरावृत्ति वाले वाक्य-

(1) कमलासन पर बैठे कमलासन, लगे तपस्या करने।

(2) कनक-कनक से सौ गुनी मादकता अधिकाय।

वा खाए बौरात जग, या पाये बौराय।।

(3) पक्षी पर छीने ऐसे पर छीने वीर।

(4) तो पर बारौं उरबसी सुन राधिके सुजान।

तू मोहन के उर बसी है उरवसी समान ।।

(5) कर का मनका छोड़ि के मन का मनका फेर।

(6) दई-दई क्यों करत है, दई-दई सो कबूल।

(7) फूल रहे फूल कर फूल उपवन में।

(8) आयो सखि सावन, विरह सर सावन।

लग्यो है बरसावन, सलिल चहुँ ओर ते॥

(9) अब तो सूरज पल-पल में डूबता जा रहा है।

(10) कल से रुक-रुक कर वर्षा हो रही है।

(11) काम करते-करते वह थक गया था।

(12) वह लेटते-लेटते सो गया।

पुनरावृत्त शब्द     वाक्य-प्रयोग

बातों-बातों           में उसने बातों-बातों में अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

रह-रहकर           आज प्रातः से रह-रहकर वर्षा हो रही है।

लाल-लाल          ये लाल-लाल गुलाब के खिले फूल कितने सुन्दर लग रहे हैं।

सुबह-सुबह        वह प्रतिदिन सुबह-सुबह घूमने जाता

रातों-रात          उन्होंने रातों-रात मन्दिर बना दिया।

घड़ी-घड़ी          तुम क्या सोचते हो? मैं तुम्हारी घड़ी-घड़ी की खबर रखता है।

 

प्रश्न 2. Class 8 Hindi Chapter 1

‘कोमल गात, मृदुल वसंत, हरे-हरे ये पात’ विशेषण जिस संज्ञा (या सर्वनाम) की विशेषता बताता है, उसे विशेष्य कहते हैं। ऊपर दिए गए वाक्यांशों में गात, वसंत और पात शब्द विशेष्य हैं, क्योंकि इनकी विशेषता (विशेषण) क्रमशः कोमल, मृदुल और हरे-हरे शब्दों से ज्ञात हो रही है।

हिंदी विशेषणों के सामान्यतया चार प्रकार माने गए हैं। गुणवाचक विशेषण, परिमाणवाचक विशेषण,संख्यावाचक विशेषण और सार्वनामिक विशेषण।

उत्तर-

(1) गुणवाचक विशेषण-

जो शब्द किसी वस्तु या व्यक्ति के रूप, गुण या रंग सम्बन्धी विशेषता को प्रकट करते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं।

जैसे— मोटा, -लम्बा, काला, हरा, बुरा आदि।

 

(2) परिमाणवाचक विशेषण-

किसी वस्तु की नाप-तौल बताने वाले विशेषण परिमाणवाचक विशेषण कहलाते हैं।

जैसे- एक गज, कुछ ग्राम, पाँच किलो, कम से कम आदि।

इसके दो भेद हैं

(क) निश्चित परिमाणवाचक विशेषण-

जो विशेषण किसी वस्तु को निश्चित मात्रा या उसके माप-तौल का निश्चित ज्ञान कराते हैं, निश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहलाते हैं।

जैसे- दो किलो चीनी, एक लीटर दूध आदि।

(ख) अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण-

जो विशेषण किसी वस्तु की मात्रा या माप-तौल का निश्चित जान नहीं कराते हैं, वे अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहलाते हैं।

जैसे—कुछ चीनी, कुछ दूध आदि।

 

(3) संख्यावाचक विशेषण-

जिन विशेषण शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध होता है, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। जैसे-कई, हजारों, दस, पाँची संख्या आदि।

इसके दो भेद हैं

(क) निश्चित संख्यावाचक विशेषण-

जो विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का निश्चित ज्ञान कराते हैं, वे निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहलाते हैं।

जैसे— दस लड़के, पाँच आम आदि।

(ख) अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण-

जो विशेषण संजा या सर्वनाम की निश्चित संख्या का बोध नहीं कराते हैं। वे अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहलाते हैं।

जैसे—कुछ लड़के, कई आम आदि।

 

(4) सार्वनामिक विशेषण-

जो विशेषण शब्द संज्ञा अथवा सर्वनाम की ओर संकेत करते हैं, उन्हें संकेत या सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

जैसे—यह लड़का, वह आदमी आदि।

 

Class 8 Hindi Chapter 1 कुछ करने को-

प्रश्न 1. वसंत पर अनेक सुन्दर कविताएँ हैं। कुछ कविताओं का संकलन तैयार कीजिए।

उत्तर- डार, दुम पलना विछोना नव पल्लव के,

सुमन झिंगुला सोहे तन छवि भारी दै।

पवन शुलावै केकी-कीर बतरावे देव,

कोकिल हलावे-हलसावे कर तारी है।

परित पराग सो उतारी करै राई नोन,

कंजकली नायिका लतान सिर सारी दै।

मदन महीप जू को चालक वसंत ताहि,

प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी है।

 

सखि आयो बसंत, रितुन को कंत चहू दिसि फुलि सरसों।

बर सोतल-मंद-सुगंध समोर सतावन हार भयो गर सों।

अब सुन्दर सावरी नंद किसोर, कहैं हरिचन्द गयो सों।

परसों को बिताय दियो बरसों, तरसों निज पाय पिया परसों  -भारतेन्दु

 

कलन में केलि में कछारन में, कुंजन में,

क्यारिन में कलिन-कलीन किलकत है।

कहै ‘पद्माकर’ पराग हूँ में पौन हूँ में,

पानन में पिकन पलासन पगंत है।

द्वार में, दिसान में, दनी में, देस-देसन में,

देखो दीप-दीपन में दीपत दिगंत है।

बीथनि में, ब्रज में, नबेलिन में बेलिन में,

बनन में बागन में बगर्यो वसंत है। -पद्माकर

इसी प्रकार अन्य कवियों की ‘वसंत’ पर रचित कविताओं का संग्रह किया जा सकता है।

 

प्रश्न 2. Class 8 Hindi Chapter 1

शब्दकोश में ‘वसंत’ शब्द का अर्थ देखिए। शब्दकोश में शब्दों के अर्थों के अतिरिक्त बहुत-सी अलग तरह की जानकारियाँ भी मिल सकती हैं। उन्हें अपनी कॉपी में लिखिए।

उत्तर- ‘शब्दकोश’ में ‘वसंत’ के निम्नलिखित अर्थ हैं

(1) छ: ऋतुओं में से एक ऋतु जो चैत्र-वैशाख में आती है।

(2) वसंत देवरूप में कामदेव का सहचर माना जाता है।

(3) अतिसार, मसूरिका, फूलों का गुच्छा

(4) एक राग का नाम।

शब्दकोश में शब्दों के अर्थों के अतिरिक्त वसंत सम्बन्धी अन्य जानकारियाँ निम्नलिखित हैं

जैसे—

(1) वसन्त काल  =  वसंत ऋतु ।

(2) वसंत घोषी  =  कोकिल।

(3) वसंततिलका  =  एक वर्ण वृत्त।

(4) वसंत-पंचमी  =  माघ शक्ला पंचमी और उस दिन होने वाला त्योहार।

(5) वसंत-वधू  =  कामदेव।

(6) वसंत महोत्सव  =  होलिकोत्सव।

(7) वसंत यात्रा  =  वसंतोत्सव।

(8) वसंत व्रण  =  मसूरिका।

(9) वसंतसख =  कामदेव, मलयानिला

(10) वसंती  =   वसंती रंग, वासता लता आदि।

 

Class 8 Hindi Chapter 1 Extra Questions

Class 8 Hindi Chapter 1 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

बहुविकल्पात्मक प्रश्न

प्रश्न 1. ‘प्रत्यूष’ शब्द का अर्थ है

(क) सायंकाल

(ख) प्रात:काल

(ग) शीघ्र

(घ) दोपहर।

उत्तर- (ख) प्रात:काल

 

प्रश्न 2. ‘तंद्रालस’ शब्द का अर्थ है

(क) अलसाया हुआ

(ख) नींद से जगा हुआ

(ग) उन्माद से ग्रस्त

(घ) नीर से अलसाया हुआ।

उत्तर- (घ) नीर से अलसाया हुआ

प्रश्न 3. निद्रित’ शब्द का विलोम है

(क) स्वप्निल

(ख) जागृत

(ग) नवीन

(घ) प्रवीण।

उत्तर- (ख) जागृत

 

प्रश्न 4. सभी के लिए स्वास्थ्यवर्धक ऋतु होती है

(क) वसंत

(ख) हेमन्त

(ग) ग्रीष्म

(घ) बरसात।

उत्तर-(क) वसंत

प्रश्न 5. मनुष्य जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है

(क) खान-पान का

(ख) सोने-जागने का

(ग) ऋतु-परिवर्तन का

(घ) उठने-बैठने का।

उत्तर- (ग) ऋतु-परिवर्तन का

 

Class 8 Hindi Chapter 1 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 6. कवि कविता में जीवन के प्रति क्या व्यक्त करता है?

उत्तर- कवि कविता में जीवन के प्रति आस्था और दृढ़ विश्वास व्यक्त करता है।

 

प्रश्न 7. कविता में ‘ध्वनि’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?

उत्तर- कविता में ‘ध्वनि’ शब्द का प्रयोग अन्तर्मन की पुकार के लिए किया गया है।

 

प्रश्न 8. कवि ने किसके माध्यम से आत्माभिव्यक्ति की है?

उत्तर- कवि ने प्रकृति के माध्यम से आत्माभिव्यक्ति की है।

 

प्रश्न 9. ‘अनन्त से मिलन’ से क्या अभिप्राय है?

उत्तर- ‘अनन्त से मिलन’ से अभिप्राय उस अदृश्य परमात्मा से मिलने से है।

 

प्रश्न 10. कवि प्रकृति को किस रूप में देखना चाहता है?

उत्तर- कवि प्रकृति को हरा-भरा, सुन्दर, प्राणवान् और आशावान देखना चाहता है।

 

प्रश्न 11. कवि ने कविता में किस प्रकार की भविष्यवाणी की है?

उत्तर- कवि ने कविता में यह भविष्यवाणी की है कि अभी मेरे जीवन का अन्त न होगा।

 

प्रश्न 12. कवि ने अपने जीवन की तुलना किससे की है। और क्यों?

उत्तर- कवि ने अपने जीवन की तुलना वसन्त से की है, क्योंकि काव नयी आशा एवं उल्लास से भरा जीवन जीना चाहता है।

 

Class 8 Hindi Chapter 1 लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 13. ‘मन में मदल वसन्त’ से कवि का क्या आशय है?

उत्तर- ‘मन में मदल वसंत’ से कवि का आशय है कि कवि अपने जीवन में सुख, शान्ति, आनन्द और आशा का संचार करके अधिक से अधिक जीने की आकांक्षा करना चाहता है।

 

प्रश्न 14. वसंत के आने पर पेड़-पौधों में क्या परिवर्तन दिखाई देने लगा है?

उत्तर- वसंत के आने पर पेड़-पौधों में हरे-हरे पत्ते, नई डालियाँ और नई-नई कलियाँ आ जाने पर कठोरता के स्थान पर उनकी कोमलता बढ़ जाती है।

प्रश्न 15. कवि अलसाई कलियों को क्यों और कैसे जगाना चाहता है?

उत्तर- कवि प्रकृति के सारे अवसाद को समाप्त कर कलियों को खिलने के लिए विवश करना चाहता है ताकि वे पुष्प बन कर अपनी सुषमा और सुगन्ध को जग में बिखेर सकें। इसलिए अपने कोमल हाथों के स्पर्श से उन्हें जगाना चाहता है।

 

प्रश्न 16. ‘द्वार दिखा दूँगा फिर उनको हैं मेरे वे जहाँ अनंत’ इस पंक्ति के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?

उत्तर- इस पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहता है कि वह प्रकृति के जीवंत रूप को अपने जीवन के समान यशस्वी और कीर्तिमय बनाकर उस अदृश्य परमात्मा से मिलाना चाहता है।

 

प्रश्न 17. कवि ने अपने जीवन की तुलना वसंत से क्यों की है? उत्तर-कवि अपने जीवन को वसंतमय बनाकर अनंत काल तक जीने की इच्छा रखता है। अर्थात् जिस प्रकार वसंत के आते ही वातावरण आनन्दमय हो जाता है, वैसे ही वह भी अपने कार्यों से इस संसार में यश पाने की इच्छा से पूरित होकर अनंत काल तक जीना चाहता है।

 

Class 8 Hindi Chapter 1 निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 18. ‘ध्वनि’ शीर्षक कविता से हमें क्या संदेश मिलता है?

उत्तर- ‘ध्वनि’ शीर्षक कविता से हमें यह सन्देश मिलता है कि जिस प्रकार वसंत के आने पर सारी सृष्टि खिलकर मनमोहक बन जाती है, उसी प्रकार हमें भी अपने अच्छे कार्यों से समाज, राष्ट्र व संसार को आभामय बनाना चाहिए, जिससे सभी हमारा यशगान करें।

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