Essay on advantages and disadvantages of mobile phones

Essay on advantages and disadvantages of mobile phones

निबन्ध-लेख

  • मोबाइल फोन : वरदान या अभिशाप अथवा मोबाइल फोन का प्रचलन एवं प्रभाव  अथवा  मोबाइल फोन छात्र के लिए वरदान या  अभिशाप
  • दूरदर्शन : वरदान या अभिशाप अथवा युवा पीढ़ी पर दूरदर्शन का प्रभाव
  • इन्टरनेट की उपयोगिता अथवा इन्टरनेट : लाभ और हानि  अथवा इन्टरनेट : ज्ञान का भण्डार  अथवा  विद्यार्थी जीवन में इन्टरनेट की भूमिका  अथवा  सूचना एवं संचार की महाक्रान्ति : इन्टरनेट

Mobile phone Vardan ya Abhishap essay in Hindi

(1) Essay on mobile phone in Hindi

मोबाइल फोन : वरदान या अभिशाप  अथवा मोबाइल फोन का प्रचलन एवं प्रभाव  अथवा  मोबाइल फोन : छात्र के लिए वरदान या  अभिशाप

संकेत बिन्दु- 1. प्रस्तावना 2. मोबाइल फोन से लाभ  : वरदान 3. मोबाइल फोन से हानि : अभिशाप 4. उपसंहार।

प्रस्तावना- आधुनिक युग में विज्ञान द्वारा अनेक आश्चर्यकारी आविष्कार किये गये, जिनमें कम्प्यूटर एवं मोबाइल या सेलफोन का विशेष महत्त्व है। मोबाइल फोन का जिस तेजी से प्रसार हुआ है, वह संचार-साधन के क्षेत्र में चमत्कारी घटना है। आज इसका उपयोग छोटे से लेकर बड़ा आदमी तक बड़े गर्व के साथ कर रहा है। जिस हाथ को देखो, वह मोबाइल फोन से सजा हुआ है।

मोबाइल फोन से लाभ : वरदान- मोबाइल फोन अतीव छोटा यन्त्र है, जिसे व्यक्ति अपनी जेब में अथवा मुट्ठी में रखकर कहीं भी ले जा सकता है और कभी भी कहीं से दूसरों से बात कर सकता है। इससे समाचार का आदान-प्रदान सरलता से होता है और देश-विदेश में रहने वाले अपने लोगों के सम्पर्क में लगातार रहा जा सकता है।

Mobile phone Vardan ya Abhishap essay in Hindi व्यापार-व्यवसाय में तो यह लाभदायक एवं सुविधाजनक है ही, अन्य क्षेत्रों में भी यह वरदान बन रहा है। असाध्य रोगी की तुरन्त सूचना देने, मनचाहे गाने या रिंग टोन सुनने, केलकुलेटर का कार्य करने के साथ मनचाही फिल्म देखने तक अनेक लाभदायक और मनोरंजक कार्य इससे किये जा सकते हैं। इससे अनेक फारमेटों एवं डाटा पैकों के माध्यम से संचार-तंत्रों से जुड़ा जा सकता है। छात्रों के लिए शिक्षा की दृष्टि से यह काफी उपयोगी तथा वरदान सिद्ध हो रहा है।

मोबाइल फोन से हानि : अभिशाप- प्रत्येक वस्तु के अच्छे और बुरे दो पक्ष होते हैं। मोबाइल फोन से भी अनेक हानियाँ हैं । वैज्ञानिक शोधों के अनुसार मोबाइल से बात करते समय रेडियो किरणें निकलती हैं, जो व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक होती हैं। इससे लगातार सुनने पर कान कमजोर हो जाते हैं, मस्तिष्क में चिढचिढ़ापन आ जाता है। अपराधी प्रवृत्ति के लोग इसका दुरुपयोग करते हैं, जिससे समाज में अपराध बढ़ रहे हैं। इन सब कारणों से मोबाइल फोन हानिकारक एवं अभिशाप भी है।

उपसंहार- मोबाइल फोन दूरभाष की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण आविष्कार है तथा इसका उपयोग उचित ढंग से तथा आवश्यक कार्यों के सम्पादनार्थ किया जावे, तो यह वरदान ही है। लेकिन अपराधी लोगों और  युवाओं में इसके दुरुपयोग की प्रवृत्ति बढ़ रही है, यह सर्वथा अनुचित है। मोबाइल फोन का सन्तुलित उपयोग किया जाना ही लाभदायक है।

Essay on advantages and disadvantages of television

(2) Essay on advantages and disadvantages of television

दूरदर्शन : वरदान या अभिशाप  अथवा युवा पीढ़ी पर दूरदर्शन का प्रभाव

संकेत बिन्दु- 1. प्रस्तावना 2. दूरदर्शन का महत्त्व 3. दूरदर्शन विज्ञान का वरदान 4. दूरदर्शन का दुष्प्रभाव 5. उपसंहार।

प्रस्तावना- आज दूरदर्शन हमारे जीवन में मनोरंजन का सबसे लोकप्रिय साधन है। यह ज्ञानवर्धक अनोखा आविष्कार भी है। दूरदर्शन अर्थात् टेलीविजन का सर्वप्रथम प्रयोग 25 जनवरी, 1926 को इंग्लैण्ड के एक इंजीनियर जॉन बेयर्ड ने किया था। इसका उत्तरोत्तर विकास होता रहा और अनेक कार्यों में इसकी उपयोगिता भी बढ़ी। हमारे देश में सन् 1959 से दूरदर्शन का प्रसारण प्रारम्भ हुआ और आज यह सारे भारत में प्रसारित हो रहा है।

दूरदर्शन का महत्त्व- वर्तमान में दूरदर्शन का ज्ञानवर्द्धन और मनोरंजन के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण स्थान है। आज हम दूरदर्शन के माध्यम से घर बैठे दुनिया में घटने वाली घटनाओं को तुरन्त जान लेते हैं। वहीं ज्ञान-विज्ञान, समाजशिक्षा, खेती-बाड़ी, भविष्य-दर्शन, मौसम विज्ञान आदि के सम्बन्ध में जानकारी हासिल कर लेते हैं और सैकड़ों चैनलों से प्रसारित होने वाले सीरियलों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के मनोरंजन कर लेते हैं।

दूरदर्शन विज्ञान का वरदान- सामाजिक जीवन में दूरदर्शन की उपयोगिता को देखकर इसे विज्ञान का वरदान माना जाता है। दूरदर्शन पर विश्व में घटने वाली प्रमुख घटनाओं के समाचार तत्काल मिल जाते हैं। रोगों के निवारण, जन-जागरण, जनसंख्या नियन्त्रण तथा सामाजिक कुप्रवृत्तियों को रोकने में भी इसकी काफी उपयोगिता है। महिलाओं को दस्तकारी एवं गृह-उद्योग के सम्बन्ध में इससे जानकारी दी जाती है। सूचना-प्रसारण एवं विज्ञापन-व्यवसाय के लिए। यह एक उत्कृष्ट माध्यम है। शिक्षा के क्षेत्र में तो यह विज्ञान का श्रेष्ठ वरदान है।

दूरदर्शन का दुष्प्रभाव- दूरदर्शन का बुरा प्रभाव यह है कि इसे देखते रहने से बच्चे पढाई से जी चुराते हैं। साथ ही इस पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों और मारधाड़ वाली फिल्मों से युवा पीढ़ी पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। चोरी, डकैती, बलात्कार और फैशनपरस्ती की प्रवृत्तियाँ इसके प्रभाव से बढ़ रही हैं। इस तरह के दुष्प्रभावों के कारण दूरदर्शन को अभिशाप भी माना जा रहा है।

उपसंहार- आज के युग में मनोरंजन की दृष्टि से दूरदर्शन की विशेष उपयोगिता है। इससे संसार की नवीनतम घटनाओं, समाचारों आदि की जानकारी मिलती है तथा लोगों के ज्ञान का विकास होता है। परन्तु इसके कुप्रभावों से युवाओं को मुक्त रखा जावे, यह भी अपेक्षित है।

Essay on Internet

(3) Essay on Internet

इन्टरनेट की उपयोगिता  अथवा इन्टरनेट : लाभ और हानि  अथवा इन्टरनेट : ज्ञान का भण्डार  अथवा  विद्यार्थी जीवन में इन्टरनेट की भूमिका  अथवा  सूचना एवं संचार की महाक्रान्ति : इन्टरनेट

संकेत बिन्दु- 1. प्रस्तावना- नवीनतम प्रौद्योगिकी 2. इन्टरनेट प्रणाली 3. इन्टरनेट का प्रसार 4. इन्टरनेट से लाभ एवं हानि 5. आधुनिक जीवन में उपयोगिता 6. उपसंहार।

प्रस्तावना- वर्तमान में सूचना एवं दूर-संचार प्रौद्योगिकी का असीमित विस्तार हो रहा है। अब कम्प्यूटर एवं सेलफोन के द्वारा सूचना एवं मनोरंजन का एक सुन्दर साधन बन गया है, जिसे इन्टरनेट कहते हैं। इन्टरनेट नवीनतम संचार प्रौद्योगिकी है। इससे अल्प समय में समस्त जानकारियाँ सरलता से मिल जाती हैं।

इन्टरनेट प्रणाली- यह ऐसे कम्प्यूटरों एवं सेलफोनों की प्रणाली है, जो सूचना लेने और देने अर्थात उनका आदान-प्रदान करने के लिए आपस में जड़े रहते हैं। इन्टरनेट का आशय विश्व के करोड़ों कम्प्यूटरों को जोड़ने वाला ऐसा अन्तर्जाल है, जो क्षण भर में समस्त जानकारियाँ उपलब्ध करा देता है।

इन्टरनेट का प्रसार- इन्टरनेट का प्रारम्भ सन् 1960 के दशक में अमेरिका में हुआ। फिर इसका प्रसार भारत तथा अन्य देशों में धीरे-धीरे बढ़ता गया। बहुउपयोगिता आधार पर जीवन के हर क्षेत्र के लोग इससे जड़ते जा रहे है। परिणामस्वरूप आज सारे विश्व में करोड़ों वेबसाइटों के रूप में इन्टरनेट का संजाल फैल गया है। सभी वर्ग के लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं। इसके कारण सूचना एवं संचार  क्षेत्र में महाक्रान्ति आ गयी है।

इन्टरनेट से लाभ एवं हानि- इन्टरनेट से अनेक लाभ है। परस्पर विचार-विमर्श, सूचनाओं का आदान-प्रदान, जान प्रसार एवं विविध मनोरंजन के साधन इससे प्राप्त हो जाते हैं। विद्यार्थियों की ज्ञान वृद्धि के लिए यह अतीव उपयोगी है। परन्तु इन्टरनेट से कई हानियाँ भी हैं। इस पर कई बार मनपसन्द सामग्री के फ्री-डाउनलोड करते ही ऐसे खतरे आते हैं जो कम्प्यूटर सिस्टम को तो तबाह करते ही हैं, निजी सचना-तन्त्र में भी सेंध लगाते हैं। इससे समय, धन एवं उपकरणों का नुकसान झेलना पड़ता है।

आधुनिक जीवन में उपयोगिता- आज इन्टरनेट की सभी के लिए नितान्त उपयोगिता है। व्यापारिक, शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा व्यक्तिगत कार्यों में इसकी सहायता से सारे काम साधे जा सकते हैं। मनोरंजन की दृष्टि से भी इसकी बहुत उपयोगिता है। विद्यार्थियों के लिए तो यह ज्ञान का भण्डार है।

उपसंहार- वर्तमान काल में इन्टरनेट का द्रुतगति से विकास हो रहा है और इस पर कई तरह के सॉफ्टवेयर मुफ्त में डाउनलोड किये जा सकते हैं। भले ही इन मुफ्त के डाउनलोडों से अनेक बार हानियाँ उठानी पड़ती हैं, फिर भी सूचना-संचार के अनुपम साधन के साथ सामाजिक-आर्थिक प्रगति में इनकी भूमिका अपरिहार्य बन गई है।

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